Class 10th Hindi Chapter 11 कृषक गान स्वाध्याय

Class 10th Hindi Chapter 11 कृषक गान स्वाध्याय

आज हम इस वेबसाईट पर Maharashtra board Lokbharti Class 10th Hindi Chapter 11 कृषक गान स्वाध्याय(Krushak Gaan) के बारे में चर्चा करने जा रहे है। इस वेबसाइट पर आपको Chapter 11 कृषक गान कविता के प्रश्नोत्तर मिल जायेंगे तथा इस कविता Chapter 11 कृषक गान (krushak Gaan) का भावार्थ , स्वाध्याय, पद्य विश्लेषण, सरल अर्थ और व्याकरण संबधित सभी प्रश्नो के हल Pdf स्वरुप में मिल जायेंगे। आप इन सभी स्वाध्याय प्रश्नोत्तर को डाउनलोड कर सकते है। यदि आप कक्षा 10 वीं लोकभारती Digest की तलाश में हैं तो आप सही जगह पर आए हैं। हमारे विशेषज्ञ शिक्षकों टीम ने इस पाठ का अध्ययन किया है और उन छात्रों के लिए नोट्स तैयार किए हैं जो इस पाठ को सारांशित करने में कठिनाई का सामना कर रहे हैं। हम आपको विश्वास दिलाते हैं कि आप हमारी Pdf फाइलों का उपयोग करके अधिक अंक प्राप्त कर सकते हैं। आपको बता दें कि इस विषय से जुड़े सभी सवालों के जवाब हमारी विशेषज्ञ शिक्षकों की टीम ने दिए हैं। यहां आपको तीन Pdf फाइलें मिलेंगी, जिनमें से पहली Pdf फाइल में टेक्स्ट बुक के सवालों के जवाब होंगे और दूसरी Pdf फाइल में आपको अभ्यास के लिए अतिरिक्त प्रश्न मिलेंगे। तीसरी और अंतिम Pdf फाइलों में आपको इस अध्याय का पूरा अध्ययन मिलेगा।

आपको मार्गदर्शिका/गाइड के बारे में चिंता करने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि हमारे Pdf स्वाध्याय का उपयोग करने के बाद आपको उनकी आवश्यकता नहीं होगी। इस पोस्ट के अंत में आपको सभी Pdf फाइलें मिल जाएंगी, इसलिए हम आपसे अनुरोध करते हैं कि आप पूरा लेख पढ़ें।

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Maharashtra state Board10thChapter 11 कृषक गान

Class 10 Hindi Lokbharati Chapter 11 कृषक गान questions answers:

10th class Hindi Chapter 11 Krushak Gaan questions answers

यहां आपको वह मिलेगा जिसका आप इंतजार कर रहे थे। शिक्षक, माता-पिता और छात्र, अब आप महाराष्ट्र राज्य बोर्ड द्वारा कक्षा 10वीं हिंदी लोकभारती Chapter 11 कृषक गान स्वाध्याय की Pdf फाइल नीचे पा सकते हैं। नीचे आप पीडीएफ फाइल देख सकते हैं जिसे डाउनलोड किया जा सकता है लेकिन आगे बढ़ने से पहले, कृपया नीचे दिए गए हमारे दिशानिर्देशों का पालन करें।

पीडीएफ फाइल कैसे डाउनलोड करें?

नीचे आपको हमारी Pdf फाइल दिखाई देगी जिसके नीचे आपको एक मेन्यू बटन भी दिखाई देगा। अगला पेज देखने के लिए आपको नेक्स्ट बटन पर क्लिक करना होगा। इस तरह आप सभी प्रश्न और उत्तर पीडीएफ फाइल में देख पाएंगे।

अगर आप नीचे दी गई Pdf फाइल को डाउनलोड करना चाहते हैं तो “Download Now” बटन पर क्लिक करें। बटन क्लिक करने के बाद 15 सेकंड तक प्रतीक्षा करें। उसके बाद आपको प्रश्न पत्र की Pdf फाइल डाउनलोड करने को मिल जाएगी।

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Class 10th Hindi Chapter 11 कृषक गान भावार्थ:

Class 10th Hindi Chapter 11 कृषक गान स्वाध्याय
Class 10th Hindi Chapter 11 Krushak Gaan

1. हाथ में संतोष ………………………… का गान कर लूँ।।

कृषक के अभावों की कोई सीमा नहीं है। परंतु उसके पास संतोष रूपी धन है। वह उसी संतोष के सहारे अपना जीवन व्यतीत कर रहा है। पूरे संसार में कैसा भी वसंत आए, कृषक के जीवन में सदैव पतझड़ ही रहता है। अर्थात ऋतुएँ बदलती हैं, लोगों की परिस्थितियाँ बदलती हैं, परंतु कृषक के भाग्य में अभाव ही अभाव हैं। ऐसी दयनीय स्थिति के बावजूद उसे किसी से कुछ माँगना अच्छा नहीं लगता। कृषक को अपनी दीन-हीन दशा पर भी नाज है। कवि कहते हैं कि में ऐसे व्यक्ति पर अभिमान करना चाहता हूँ। मैं कृषक के गीत गाना चाहता हूँ।

2. चूसकर श्रम रक्त ………………………… का गान कर लूँ।।

कृषक दिन-रात खेतों में काम करता है। अपने रक्त को पसीने के रूप में बहाता है और संपूर्ण जगत को जीवन-रस प्रदान करता है। ईश्वर की बनाई इस सृष्टि में उसके लिए धूप-छाया दोनों एक-सी हैं। मौसम में कैसा भी बदलाव आए, कृषक की स्थिति नहीं बदलती। मैं मानवता के साथ उसका आह्वान करना चाहता हूँ। मैं कृषक के गीत गाना चाहता हूँ।

3. विश्व का पालक ………………………… का गान कर लूँ।।

कृषक संपूर्ण संसार का अन्नदाता है। वह अन्न उगाकर पूरे विश्व का पालन करता है। लोगों को जीवन देता है। किंतु अफसोस की बात है कि जिन लोगों को वह पालता है, उन्हीं के द्वारा उसे पददलित

किया जाता है। अपमानित किया जाता है। मैं चाहता हूँ कि मैं कृषक का हाथ पकड़कर एक नवीन सृष्टि का निर्माण करूँ, जहाँ लोग उसके महत्त्व को समझें। उसका सम्मान करें। मैं कृषक के गीत गाना चाहता हूँ।

4. क्षीण निज बलहीन ………………………… का गान कर लूँ।।

कृषक को जीवन में पर्याप्त सुविधाएँ नहीं मिल पाती। उसे अपने दुर्बल, क्षीण शरीर को ढकने के लिए कपड़े तक नहीं प्राप्त होते। वह पत्तों से अपना तन ढकने को मजबूर होता है। कृषक ऊसर धरती में जी-तोड़ मेहनत करके, पसीने के रूप में अपने खून को बहाकर उसे उपजाऊ बनाता है। मेरे लिए वह सभी देवी-देवताओं से ऊपर है। मैं चाहता हूँ कि देव-दानवों के स्थान पर कृषक का ही ध्यान करूं, उसी के जीवन को बेहतर बनाने का प्रयास करूं। मैं कृषक के गीत गाना चाहता हूँ।

5. यंत्रवत जीवित बना ………………………… का गान कर लूँ।

कृषक एक जीवित मशीन के समान है। वह बिना अपने अधिकार माँगे मशीन की तरह पूरा जीवन काम करता रहता है। उस अन्नदाता, सृष्टि के पालक की दुर्दशा देखकर आज मानवता रो रही है। मैं कण-कण जोड़कर कृषक के लिए एक ऐसे नीड़ का, ऐसे घर का निर्माण करना चाहता हूँ, जहाँ उसे एक अच्छा जीवन जीने के लिए सभी आवश्यक सुविधाएँ प्राप्त हों। मैं कृषक के गीत गाना चाहता हूँ।

Class 10th Hindi Chapter 11 कृषक गान सरल अर्थ:

Class 10th Hindi Chapter 11 कृषक गान स्वाध्याय
Class 10th Hindi Chapter 11 Krushak Gaan Saral Arth

Class 10thChapter 11 कृषक गान सरल अर्थ भावार्थ में दिया गया है। उदाहरण के लिये एक पद्य का सरळ अर्थ नीचे दिया जा राहा है। आप से अनुरोध है की ऊपर दिए हुए भावार्थ का अध्ययन करे।

1. हाथ में संतोष ………………………… का गान कर लूँ।।

कृषक के अभावों की कोई सीमा नहीं है। परंतु उसके पास संतोष रूपी धन है। वह उसी संतोष के सहारे अपना जीवन व्यतीत कर रहा है। पूरे संसार में कैसा भी वसंत आए, कृषक के जीवन में सदैव पतझड़ ही रहता है। अर्थात ऋतुएँ बदलती हैं, लोगों की परिस्थितियाँ बदलती हैं, परंतु कृषक के भाग्य में अभाव ही अभाव हैं। ऐसी दयनीय स्थिति के बावजूद उसे किसी से कुछ माँगना अच्छा नहीं लगता। कृषक को अपनी दीन-हीन दशा पर भी नाज है। कवि कहते हैं कि में ऐसे व्यक्ति पर अभिमान करना चाहता हूँ। मैं कृषक के गीत गाना चाहता हूँ।

2. चूसकर श्रम रक्त ………………………… का गान कर लूँ।।

कृषक दिन-रात खेतों में काम करता है। अपने रक्त को पसीने के रूप में बहाता है और संपूर्ण जगत को जीवन-रस प्रदान करता है। ईश्वर की बनाई इस सृष्टि में उसके लिए धूप-छाया दोनों एक-सी हैं। मौसम में कैसा भी बदलाव आए, कृषक की स्थिति नहीं बदलती। मैं मानवता के साथ उसका आह्वान करना चाहता हूँ। मैं कृषक के गीत गाना चाहता हूँ।

3. विश्व का पालक ………………………… का गान कर लूँ।।

कृषक संपूर्ण संसार का अन्नदाता है। वह अन्न उगाकर पूरे विश्व का पालन करता है। लोगों को जीवन देता है। किंतु अफसोस की बात है कि जिन लोगों को वह पालता है, उन्हीं के द्वारा उसे पददलित

किया जाता है। अपमानित किया जाता है। मैं चाहता हूँ कि मैं कृषक का हाथ पकड़कर एक नवीन सृष्टि का निर्माण करूँ, जहाँ लोग उसके महत्त्व को समझें। उसका सम्मान करें। मैं कृषक के गीत गाना चाहता हूँ।

4. क्षीण निज बलहीन ………………………… का गान कर लूँ।।

कृषक को जीवन में पर्याप्त सुविधाएँ नहीं मिल पाती। उसे अपने दुर्बल, क्षीण शरीर को ढकने के लिए कपड़े तक नहीं प्राप्त होते। वह पत्तों से अपना तन ढकने को मजबूर होता है। कृषक ऊसर धरती में जी-तोड़ मेहनत करके, पसीने के रूप में अपने खून को बहाकर उसे उपजाऊ बनाता है। मेरे लिए वह सभी देवी-देवताओं से ऊपर है। मैं चाहता हूँ कि देव-दानवों के स्थान पर कृषक का ही ध्यान करूं, उसी के जीवन को बेहतर बनाने का प्रयास करूं। मैं कृषक के गीत गाना चाहता हूँ।

5. यंत्रवत जीवित बना ………………………… का गान कर लूँ।

कृषक एक जीवित मशीन के समान है। वह बिना अपने अधिकार माँगे मशीन की तरह पूरा जीवन काम करता रहता है। उस अन्नदाता, सृष्टि के पालक की दुर्दशा देखकर आज मानवता रो रही है। मैं कण-कण जोड़कर कृषक के लिए एक ऐसे नीड़ का, ऐसे घर का निर्माण करना चाहता हूँ, जहाँ उसे एक अच्छा जीवन जीने के लिए सभी आवश्यक सुविधाएँ प्राप्त हों। मैं कृषक के गीत गाना चाहता हूँ।

Class 10th Hindi Chapter 11 कृषक गान स्वाध्याय: Notes

Class 10th Hindi Chapter 11 Krushak Gaan notes:
Class 10th Hindi Chapter 11 कृषक गान स्वाध्याय

जब हम कक्षा 10 का हिंदी लोकभारती पाठ 11 "कृषक गान" पढ़ रहे हैं, तो हम देख सकते हैं कि इस पाठ के बीच में कई प्रश्न पूछे जाते हैं और छात्रों से उनके उत्तर की अपेक्षा की जाती है। कुछ छात्रों को उत्तर देते समय कुछ समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन हम आपसे वादा करते हैं कि हमारे उत्तर की समीक्षा करने के बाद, आपको ऐसे प्रश्नों का उत्तर देने के लिए आत्मविश्वास मिलेगा। हमारे विशेषज्ञ टीम शिक्षक ने प्रश्न पत्र को कई भागों में विभाजित किया है, जिससे आपको पाठ को बेहतर ढंग से समझने में मदद मिलेगी। निम्नलिखित मुद्डो पर एक नज़र डालें:

  • Chapter 11 कृषक गान (आकलन कृती)
  • Chapter 11 कृषक गान (मुहावरा)
  • Chapter 11 कृषक गान (अतिरिक्त प्रश्नोत्तरे)
  • Chapter 11 कृषक गान (व्याकरण)
  • Chapter 11 कृषक गान (शब्द संपदा)
  • Chapter 11 कृषक गान (विरुद्धार्थी शब्द)

Class 10th Hindi Chapter 11 कृषक गान स्वाध्याय: Question Bank

Question bank for Hindi Chapter 11 Krushak Gaan:

जो छात्र वार्षिक परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं और बोर्ड में अधिक अंक प्राप्त करना चाहते हैं, वे हमारे प्रश्न बैंक का उपयोग कर सकते हैं, जिनमें से कुछ प्रश्न आपकी अंतिम परीक्षा में निश्चित रूप से पूछे जा सकते हैं।
हमारी पीडीएफ फाइल के अंत में, आपको कक्षा 10वी का हिंदी लोकभारती पाठ 11 " कृषक गान" मिलेगा। हमारी विशेषज्ञ टीम आपको अधिक अंक प्राप्त करने में मदद करने के लिए प्रश्न बैंक पर भरोसा करती है।
हमारे शिक्षकों की विशेषज्ञ टीम ने इन सवालों के बेहतरीन जवाब तैयार किए हैं। इन सभी सवालों के जवाब हमारी पीडीएफ फाइल में हैं जो नीचे दी गई है। आप इसे अपने खाली समय में अध्ययन करने के लिए डाउनलोड कर सकते हैं। कक्षा 10 वीं हिंदी लोकभारती पाठ 11 "कृषक गान" स्वाध्याय पीडीएफ फाइल में आपको महत्वपूर्ण प्रश्न बैंक समाधान मिलेंगे।
हमें उम्मीद है कि यह प्रश्न बैंक आपकी परीक्षा की तैयारी में आपकी थोड़ी मदद करेगा।

Question bank

पद्यांश क्र. 1

प्रश्न.

निम्नलिखित पठित पट्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

→ कृति 1: (आकलन)

(1) कविता में आए इन शब्दों के लिए प्रयुक्त शब्द हैं:

(i) वसंत

(ii) पाला हुआ

उत्तर:

(i) वसंत – मधुमास

(ii) पाला हुआ – पालित

(2) सही विकल्प चुनकर वाक्य फिर से लिखिए:

(i) कृषक हाथ में _____________ की तलवार लेकर चल रहा है। (श्रम/संतोष/धन)

(ii) सारे संसार में _____________ और उस पर सदा पतझड़ रहता है। (वसंत/वर्षा/फूल)

(iii) कृषक को अपनी _____________ पर अभिमान है। (मेहनत/गरीबी/दीनता)

(iv) उसके लिए _____________ और छाया एक जैसी है। (धूप/रोशनी/कालिमा)

उत्तर:

(i) कृषक हाथ में संतोष की तलवार लेकर चल रहा है।

(ii) सारे संसार में वसंत और उस पर सदा पतझड़ रहता है।

(iii) कृषक को अपनी दीनता पर अभिमान है।

(iv) उसके लिए धूप और छाया एक जैसी है।

→ कृति 2: (शब्दल)

(1) पद्यांश से प्रत्यय जुड़े हुए दो शब्द ढूँढकर लिखिए:

(i) ______________

(ii) ______________

उत्तर:

(i) दीनता (ii) मनुजता।

(2) निम्नलिखित शब्दों के अर्थ लिखिए:

(i) मधुमास – ______________

(ii) आह्वान – ______________

उत्तर:

(i) मधुमास – वसंत ऋतु

(ii) आह्वान – पुकार।

पद्यांश क्र. 2

प्रश्न.

निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

→ कृति 1: (आकलन)

(1) संजाल पूर्ण कीजिए:

उत्तर:

(2) उत्तर लिखिए:

उत्तर:

(3) आकृति पूर्ण कीजिए:

(i) कृषक विश्व का यह है

(ii) वह अपने क्षीण तन को इनसे पालता है

(iii) कृषक अपने खून से सींचकर ऊसरों को यह बना देता है

(iv) आज यह पीड़ित होकर रो रही है

उत्तर:

(i) कृषक विश्व का यह है – पालक

(ii) वह अपने क्षीण तन को इनसे पालता है – पत्तियों से

(iii) कृषक अपने खून से सींचकर ऊसरों को यह बना देता है – उर्वर

(iv) आज यह पीड़ित होकर रो रही है – मनुजता

(4) कविता की पंक्तियों को उचित क्रमानुसार लिखकर प्रवाह तख्ता पूर्ण कीजिए:

(i) आज उससे कर मिला, नव सृष्टि का निर्माण कर लूँ।

(ii) छोड़ सारे सुर-असुर, मैं आज उसका ध्यान कर लूँ।

(iii) जोड़कर कण-कण उसी के, नीड़ का निर्माण कर लूँ।

(iv) किंतु अपने पालितों के, पद दलित हो मर रहा है।

उत्तर:

(i) किंतु अपने पालितों के, पद दलित हो मर रहा है।

(ii) आज उससे कर मिला, नव सृष्टि का निर्माण कर लूँ।

(iii) छोड़ सारे सुर-असुर, मैं आज उसका ध्यान कर लूँ।

(iv) जोड़कर कण-कण उसी के, नीड़ का निर्माण कर लूँ।

(5) आकृति पूर्ण कीजिए:

उत्तर:

→ कृति 2: (शब्द संपदा)

(1) पद्यांश में प्रयुक्त शब्द-युग्म ढूँढ़कर लिखिए:

(i) …………………

(ii) …………………

उत्तर:

(i) सुर-असुर

(ii) कण-कण।

(2) निम्नलिखित शब्दों में से प्रत्यय अलग करके लिखिए:

(i) पालक = _____________

(ii) मनुजता = _____________

(iii) पीड़ित = _____________

(iv) जोड़कर = _____________

उत्तर:

(i) पालक = पाल + क

(ii) मनुजता = मनुज + ता”

(iii) पीड़ित = पीड़ा + इत

(iv) जोड़कर = जोड़ + कर।

(3) पद्यांश में आए इन शब्दों के लिए प्रयुक्त शब्द हैं:

(i) उपजाऊ

(ii) किसान

उत्तर:

(i) उपजाऊ – उर्वरा

(ii) किसान – कृषक

→ कृति 3: (सरल अर्थ)

प्रश्न.

पद्यांश की अंतिम चार पंक्तियों का सरल अर्थ लिखिए।

उत्तर:

देखिए कविता का सरल अर्थ [5]।

पद्य विश्लेषण

सूचना: यह प्रश्नप्रकार कृतिपत्रिका के प्रारूप से हटा दिया गया है। लेकिन यह प्रश्न पाठ्यपुस्तक में होने के कारण विद्यार्थियों के अधिक अभ्यास के लिए इसे उत्तर-सहित यहाँ समाविष्ट किया गया है।

भाषा अध्ययन (व्याकरण)

1. शब्द भेद:

अधोरेखांकित शब्दों के शब्दभेद पहचानकर लिखिए:

(i) हमें अपने देश पर अभिमान है।

(ii) भूकंप में घंटों मलबे के नीचे दबे रहकर भी बच्चा जीवित रहा।

उत्तर:

(i) अभिमान – भाववाचक संज्ञा।

(ii) जीवित – गुणवाचक विशेषण।

2. अव्यय:

निम्नलिखित अव्ययों का अपने वाक्यों में प्रयोग कीजिए:

(i) बल्कि

(ii) तो।

उत्तर:

(i) सिरचन को लोग पूछते ही नहीं थे, बल्कि उसकी खुशामद भी करते थे।

(ii) लहरें बच्चों का रेत का घर गिरा देती तो वे नया घर बनाने लगते।

3. संधि:

कृति पूर्ण कीजिए

संधि शब्दसंधि विच्छेदसंधि भेद
…………..सम् + सार…………..
अथवा
निश्चय…………..…………..

उत्तर:

संधि शब्दसंधि विच्छेदसंधि भेद
संसारसम् + सारव्यंजन संधि
अथवा
निश्चयनिः + चयविसर्ग संधि

4. सहायक क्रिया:

निम्नलिखित वाक्यों में से सहायक क्रियाएँ पहचानकर उनका मूल रूप लिखिए:

(i) सामने शेर को देखते ही सभी यात्री काँपने लगे।

(ii) तुम्हारी भाभी ने कहाँ से सीखी हैं?

उत्तर:

सहायक क्रिया – मूल रूप

(i) लगे – लगना

(ii) हैं – होना

5. प्रेरणार्थक क्रिया:

निम्नलिखित क्रियाओं के प्रथम प्रेरणार्थक और द्वितीय प्रेरणार्थक रूप लिखिए:

(i) चलना

(ii) चमकना

(iii) लिखना।

उत्तर:

क्रिया – प्रथम प्रेरणार्थक रूप – द्वितीय प्रेरणार्थक रूप

(i) चलना – चलाना – चलवाना

(ii) चमकना – चमकाना – चमकवाना

(iii) लिखना – लिखाना – लिखवाना

6. मुहावरे:

(1) निम्नलिखित मुहावरों के अर्थ लिखकर वाक्यों में प्रयोग कीजिए:

(i) चंपत होना

(ii) मन न लगना।

उत्तर:

(i) चंपत होना।

अर्थ: गायब हो जाना।

वाक्य: पुलिस के आते ही चोर चंपत हो गया।

(ii) मन न लगना।

अर्थ: इच्छा न होना।

वाक्य: सिरचन का किसी काम में मन नहीं लग रहा था।

(2) अधोरेखांकित वाक्यांशों के लिए उचित मुहावरे का चयन कर वाक्य फिर से लिखिए: (खून का चूंट पीकर रह जाना, पानी फेरना, पिंड छुडाना)

(i) लालची और निर्लज्ज लोगों से छुटकारा पाना आसान नहीं होता।

(ii) शिवाजी आगरे से भाग निकले, इसलिए औरंगजेब को अपना मन मारकर रह जाना पड़ा।

उत्तर:

(i) लालची और निर्लज्ज लोगों से पिंड छुड़ाना आसान नहीं होता।

(ii) शिवाजी आगरे से भाग निकले, इसलिए औरंगजेब को अपना खून का चूंट पीकर रह जाना पड़ा।

7. कारक:

निम्नलिखित वाक्यों में प्रयुक्त कास्क पहचानकर उनका भेद लिखिए:

(i) मानू फूट-फूटकर रो रही थी।

(ii) सिरचन ने जीभ को दाँत से काटकर दोनों हाथ जोड़ दिए।

उत्तर:

(i) मानू-कर्ता कारक

(ii) दाँत से-करण कारक।

8. विरामचिह्न:

निम्नलिखित वाक्यों में यथास्थान उचित विरामचिह्नों का प्रयोग करके वाक्य फिर से लिखिए:

(i) माँ हँसकर कहती जा जा बेचारा मेरे काम में पूजा भोग की बात ही नहीं उठाता कभी

(ii) मानू कुछ नहीं बोली बेचारी किंतु मैं चुप नहीं रह सका चाची और मँझली भाभी की नजर न लग जाए इसमें भी

उत्तर:

(i) माँ हँसकर कहती,“जा-जा बेचारा मेरे काम में पूजा भोग की बात ही नहीं उठाता कभी।”

(ii) मानू कुछ नहीं बोली।…बेचारी! किंतु मैं चुप नहीं रह सका-“चाची और मँझली भाभी की नजर न लग जाए इसमें भी!”

9. काल परिवर्तन:

निम्नलिखित वाक्यों का सूचना के अनुसार काल परिवर्तन कीजिए:

(i) सिरचन को एक सप्ताह पहले ही काम पर लगा दिया। (पूर्ण भूतकाल)

(ii) मानू ससुराल जाती है। (सामान्य भविष्यकाल)

(iii) उनके आशीर्वाद आज भी हमें मिले। (सामान्य वर्तमानकाल)

उत्तर:

(i) सिरचन को एक सप्ताह पहले ही काम पर लगा दिया था।

(ii) मानू ससुराल जाएगी।

(iii) उनके आशीर्वाद आज भी हमें मिलते हैं।

10. वाक्य भेद:

(1) निम्नलिखित वाक्यों का रचना के आधार पर भेद लिखिए:

(i) यह वही लड़का है, जिसे पुरस्कार मिला था।

(ii) मजदूर गड़ढ़ा खोदे और घर चले गए।

उत्तर:

(i) मिश्र वाक्य

(ii) संयुक्त वाक्य।

(2) निम्नलिखित वाक्यों का अर्थ के आधार पर दी गई सूचना के अनुसार परिवर्तन कीजिए:

(i) गाँव के किसान सिरचन को मजदूरी के लिए नहीं बुलाते। (इच्छावाचक वाक्य)

(ii) तुम्हें समय पर स्कूल जाना चाहिए। (आज्ञावाचक वाक्य)

उत्तर:

(i) काश! गाँव के किसान सिरचन को मजदूरी के लिए नहीं बुलाते।

(ii) तुम समय पर स्कूल जाओ।

11. वाक्य शुद्धिकरण:

निम्नलिखित वाक्य शुद्ध करके लिखिए:

(i) लोग गंगा नदी को पवीत्र मानते हैं।

(ii) किसी झमाने में यह शहर बहुत आबाद हैं।

उत्तर:

(i) लोग गंगा नदी को पवित्र मानते हैं।

(ii) किसी जमाने में यह शहर बहुत समृद्ध था।

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  11. Chapter 11 कृषक गान

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