Class 10th Hindi Chapter 3 वाह रे! हमदर्द स्वाध्याय

Class 10th Hindi Chapter 3 वाह रे! हमदर्द स्वाध्याय

आज हम इस वेबसाईट पर Maharashtra board Lokbharti Class 10th Hindi Chapter 3 वाह रे! हमदर्द स्वाध्याय (Wah re Hamdadrd) के बारे में चर्चा करने जा रहे है। इस वेबसाइट पर आपको Chapter 3 वाह रे! हमदर्द के प्रश्नोत्तर मिल जायेंगे तथा इस Chapter 3 वाह रे! हमदर्द स्वाध्याय का भावार्थ , स्वाध्याय, गद्य विश्लेषण और व्याकरण संबधित सभी प्रश्नो के हल Pdf स्वरुप में मिल जायेंगे। आप इन सभी स्वाध्याय प्रश्नोत्तर को डाउनलोड कर सकते है। यदि आप कक्षा 10 वीं लोकभारती Digest की तलाश में हैं तो आप सही जगह पर आए हैं। हमारे विशेषज्ञ शिक्षकों टीम ने इस पाठ का अध्ययन किया है और उन छात्रों के लिए नोट्स तैयार किए हैं जो इस पाठ को सारांशित करने में कठिनाई का सामना कर रहे हैं। हम आपको विश्वास दिलाते हैं कि आप हमारी Pdf फाइलों का उपयोग करके अधिक अंक प्राप्त कर सकते हैं। आपको बता दें कि इस विषय से जुड़े सभी सवालों के जवाब हमारी विशेषज्ञ शिक्षकों की टीम ने दिए हैं। यहां आपको तीन Pdf फाइलें मिलेंगी, जिनमें से पहली Pdf फाइल में टेक्स्ट बुक के सवालों के जवाब होंगे और दूसरी Pdf फाइल में आपको अभ्यास के लिए अतिरिक्त प्रश्न मिलेंगे। तीसरी और अंतिम Pdf फाइलों में आपको इस अध्याय का पूरा अध्ययन मिलेगा।

आपको मार्गदर्शिका/गाइड के बारे में चिंता करने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि हमारे Pdf स्वाध्याय का उपयोग करने के बाद आपको उनकी आवश्यकता नहीं होगी। इस पोस्ट के अंत में आपको सभी Pdf फाइलें मिल जाएंगी, इसलिए हम आपसे अनुरोध करते हैं कि आप पूरा लेख पढ़ें।

BoardClassChapter
Maharashtra state Board10thChapter 3 वाह रे! हमदर्द

Class 10 Hindi Lokbharati Solutions Chapter 3 वाह रे! हमदर्द स्वाध्याय (questions answers):

10th class Hindi Chapter 3 वाह रे! हमदर्द questions answers

यहां आपको वह मिलेगा जिसका आप इंतजार कर रहे थे। शिक्षक, माता-पिता और छात्र, अब आप महाराष्ट्र राज्य बोर्ड द्वारा कक्षा 10वीं हिंदी लोकभारती Chapter 3 वाह रे! हमदर्द स्वाध्याय की Pdf फाइल नीचे पा सकते हैं। नीचे आप पीडीएफ फाइल देख सकते हैं जिसे डाउनलोड किया जा सकता है लेकिन आगे बढ़ने से पहले, कृपया नीचे दिए गए हमारे दिशानिर्देशों का पालन करें।

पीडीएफ फाइल कैसे डाउनलोड करें?

नीचे आपको हमारी Pdf फाइल दिखाई देगी जिसके नीचे आपको एक मेन्यू बटन भी दिखाई देगा। अगला पेज देखने के लिए आपको नेक्स्ट बटन पर क्लिक करना होगा। इस तरह आप सभी प्रश्न और उत्तर पीडीएफ फाइल में देख पाएंगे।

अगर आप नीचे दी गई Pdf फाइल को डाउनलोड करना चाहते हैं तो “Download Now” बटन पर क्लिक करें। बटन क्लिक करने के बाद 15 सेकंड तक प्रतीक्षा करें। उसके बाद आपको प्रश्न पत्र की Pdf फाइल डाउनलोड करने को मिल जाएगी।

Chapter-3-वाह-रे-हमदर्द

अगर आप नीचे दी गई पीडीएफ फाइल को डाउनलोड करना चाहते हैं तो “Download Now” बटन पर क्लिक करें। बटन क्लिक करने के बाद 15 सेकंड तक प्रतीक्षा करें। उसके बाद आपको प्रश्न पत्र की Pdf File डाउनलोड करने को मिल जाएगी।


Do you want to download above file In pdf ?

Pdf फाईल डाऊनलोड करे


Download our Other Important PDF files ↴

Chapter 3 वाह रे! हमदर्द स्वाध्याय - Text book Exercise


Chapter 3 वाह रे! हमदर्द स्वाध्याय - Additional Extra Exercise:


Chapter 3 वाह रे! हमदर्द स्वाध्याय - Entire Exercise:


Class 10th Hindi Chapter 3 वाह रे! हमदर्द स्वाध्याय: Pdf Download

Download class 10th Hindi Chapter 3 वाह रे! हमदर्द स्वाध्याय in pdf

कभी-कभी कुछ तकनीकी समस्या के कारण ऊपर दी गई फाइलों को डाउनलोड करते समय कुछ समस्याएँ आ सकती हैं।

यदि आपको उपरोक्त पीडीएफ फाइलों को डाउनलोड करने में कोई समस्या आ रही है, तो आप नीचे दिए गए डाउनलोड बटन पर क्लिक करके PDF को डाउनलोड कर सकते हैं।

पाठाचे नाव मजकूर डाऊनलोड
Hindi Lokbharati Solutions
Chapter 3 वाह रे! हमदर्द
Text book ExerciseDownload
Download
Hindi Lokbharati Solutions
Chapter 3 वाह रे! हमदर्द
Additional Extra ExerciseDownload
Download
Hindi Lokbharati Solutions
Chapter 3 वाह रे! हमदर्द
Entire ExerciseDownload
Download

Class 10th Hindi Chapter 3 वाह रे! हमदर्द भावार्थ | सारांश:

Class 10th Hindi Chapter 3 वाह रे! हमदर्द Summary
Chapter 3 वाह रे! हमदर्द Summary

लक्ष्मी विषय – प्रवेश :

लक्ष्मी मवेशियों के शौकीन ज्ञान सिंह की अधेड़ उम्र की प्रिय गाय थी। नौकरी से अवकाश के बाद ज्ञान सिंह को मकान खाली करने की नौबत आई तो लक्ष्मी को रखने की समस्या आई। उसका हल उन्होंने निकाला अपने पड़ोसी और दोस्त करामत अली को लक्ष्मी को सौंप देने से। करामत अली जी – जान से लक्ष्मी की सेवा करते थे, पर जब लक्ष्मी ने दूध देना बंद कर दिया, तो वह उनके परिवार के लिए समस्या बन गई।

प्रस्तुत कहानी में कहानीकार गुरुबचन सिंह ने एक ओर मित्र को दिए गए वचन के पालन पर बल दिया है, तो दूसरी ओर प्राणिमात्र के प्रति दया – भावना को प्रतिपादित किया है। कहानी में दर्शाया गया है कि अनुपयोगी हो जाने के बाद भी पालतू प्राणियों की उचित देखभाल करना आवश्यक है।

Class 10th Hindi Chapter 3 वाह रे! हमदर्द स्वाध्याय: Notes

Chapter 3 वाह रे! हमदर्द Summary
Class 10th Hindi Chapter 3 वाह रे! हमदर्द notes:

जब हम कक्षा 10 का हिंदी लोकभारती पाठ 3 " वाह रे! हमदर्द " पढ़ रहे हैं, तो हम देख सकते हैं कि इस पाठ के बीच में कई प्रश्न पूछे जाते हैं और छात्रों से उनके उत्तर की अपेक्षा की जाती है। कुछ छात्रों को उत्तर देते समय कुछ समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन हम आपसे वादा करते हैं कि हमारे उत्तर की समीक्षा करने के बाद, आपको ऐसे प्रश्नों का उत्तर देने के लिए आत्मविश्वास मिलेगा। हमारे विशेषज्ञ टीम शिक्षक ने प्रश्न पत्र को कई भागों में विभाजित किया है, जिससे आपको पाठ को बेहतर ढंग से समझने में मदद मिलेगी। निम्नलिखित मुद्डो पर एक नज़र डालें:

  • Chapter 3 वाह रे! हमदर्द (आकलन कृती)
  • Chapter 3 वाह रे! हमदर्द (मुहावरा)
  • Chapter 3 वाह रे! हमदर्द (अतिरिक्त प्रश्नोत्तरे)
  • Chapter 3 वाह रे! हमदर्द (व्याकरण)
  • Chapter 3 वाह रे! हमदर्द (शब्द संपदा)
  • Chapter 3 वाह रे! हमदर्द (विरुद्धार्थी शब्द)

Class 10th Hindi Chapter 3 वाह रे! हमदर्द स्वाध्याय: Question Bank

Question bank for Hindi Chapter 3 वाह रे! हमदर्दi:
Chapter 3 वाह रे! हमदर्द

जो छात्र वार्षिक परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं और बोर्ड में अधिक अंक प्राप्त करना चाहते हैं, वे हमारे प्रश्न बैंक का उपयोग कर सकते हैं, जिनमें से कुछ प्रश्न आपकी अंतिम परीक्षा में निश्चित रूप से पूछे जा सकते हैं।
हमारी पीडीएफ फाइल के अंत में, आपको कक्षा 10वी का हिंदी लोकभारती पाठ 3 " वाह रे! हमदर्द" मिलेगा। हमारी विशेषज्ञ टीम आपको अधिक अंक प्राप्त करने में मदद करने के लिए प्रश्न बैंक पर भरोसा करती है।
हमारे शिक्षकों की विशेषज्ञ टीम ने इन सवालों के बेहतरीन जवाब तैयार किए हैं। इन सभी सवालों के जवाब हमारी पीडीएफ फाइल में हैं जो नीचे दी गई है। आप इसे अपने खाली समय में अध्ययन करने के लिए डाउनलोड कर सकते हैं। कक्षा 10 वीं हिंदी लोकभारती पाठ 3 " वाह रे! हमदर्द " स्वाध्याय पीडीएफ फाइल में आपको महत्वपूर्ण प्रश्न बैंक समाधान मिलेंगे।
हमें उम्मीद है कि यह प्रश्न बैंक आपकी परीक्षा की तैयारी में आपकी थोड़ी मदद करेगा।

Question bank

प्रश्न 2. गद्यांश में प्रयुक्त उर्दू शब्द ढूँढकर लिखिए।

(i) ………………….

(ii) ………………….

(iii) ………………….

(iv) ………………….

उत्तर:

(i) जवाब

(ii) फिक्र

(ii) तकलीफ

(iv) मरीज।

प्रश्न 3.

गद्यांश में प्रयुक्त शब्द-युग्म ढूँढकर लिखिए।

(i) ………………….

(ii) ………………….

(ii) ………………….

(iv) ………………….

उत्तर:

(ii) मिलने-जुलने

(iii) सही-सलामत

(iv) परिचित-अपरिचित।

प्रश्न 4.

गद्यांश में प्रयुक्त उपसर्गयुक्त शब्द ढूँढ़कर उनके मूल शब्द और उपसर्ग अलग करके लिखिए।

(i) ………………….

(ii) ………………….

(iii) ………………….

उत्तर:

(i) अपरिचित = अ + परिचित।

(ii) दुर्घटना = दुर् + घटना।

(iii) हमदर्दी = हम + दर्दी।

कृति 4: (स्वमत अभिव्यक्ति)

प्रश्न.

सार्वजनिक अस्पतालों में मरीजों को होने वाली परेशानियों के विषय में अपने विचार लिखिए।

उत्तर:

देश में अनगिनत निजी अस्पताल हैं, परंतु देश की आधी से अधिक गरीब जनता सार्वजनिक अस्पतालों पर ही निर्भर है। इन अस्पतालों की हालत बहुत दयनीय है। इन अस्पतालों की एक्स-रे आदि मशीनों का कोई ठिकाना नहीं होता। गरीबों को वहाँ इलाज के स्थान पर तकलीफ ही मिलती है। सार्वजनिक अस्पतालों में समय पर डॉक्टर नहीं मिलते। डॉक्टर यदि मिल भी जाता है, तो दवाइयाँ नहीं मिलती।

इसलिए मरीजों को महँगे दामों पर बाहर से दवाएँ खरीदने को बाध्य होना पड़ता है। इसके अलावा डॉक्टर के साथ-साथ अस्पताल के कर्मचारियों का व्यवहार भी रोगियों के प्रति बहुत खराब होता है। ऐसे में इन अस्पतालों में मरीज का ढंग से इलाज नहीं हो पाता। इसलिए लोग इन अस्पतालों में जाने से कतराते हैं।

गद्यांश क्र.2

प्रश्न.

निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

कृति 1: (आकलन)

प्रश्न 1.

वाक्य पूर्ण कीजिए:

(i) इनकी हमदर्दी में यह बात खास छिपी रहती है ………………………..।

(ii) उस दिन सोनाबाई अपने चार बच्चों के साथ आई तो ………………………..।

उत्तर:

(1) इनकी हमदर्दी में यह बात खास छिपी रहती है कि देख बेटा, वक्त सब पर आता है।

(ii) उस दिन सोनाबाई अपने चार बच्चों के साथ आई तो मुझे लगा कि आज फिर कोई दुर्घटना होगी।

कृति 2: (आकलन)

प्रश्न 1.

आकृति पूर्ण कीजिए:

(i) दर्द के मारे एक तो मरीज को वैसे ही यह नहीं आती – [ ]

(ii) कुछ लोग सिर्फ यह निभाने आते हैं – [ ]

(iii) इन लोगों को मरीज से यह नहीं होती – [ ]

(iv) कब मेरी टाँग टूटे, कब वे अपना यह चुकाएँ – [ ]

उत्तर:

(i) दर्द के मारे एक तो मरीज को वैसे ही यह नहीं आती [नींद]

(ii) कुछ लोग सिर्फ यह निभाने आते हैं – [औपचारिकता]

(iii) इन लोगों को मरीज से यह नहीं होती – [हमदर्दी]

(iv) कब मेरी टाँग टूटे, कब वे अपना यह चुकाएँ – [एहसान]

प्रश्न 2.

विधानों के सामने सत्य /असत्य लिखिए:

(i) मैंने तय किया कि आज मैं आँख ही नहीं खोलूँगा।

(ii) ऑफिस के बड़े साहब आए।

(iii) उन्होंने मेरी टाँग के टूटे हिस्से को जोर से दबाया।

(iv) कहिए, अब सिरदर्द कैसा है?

उत्तर:

(i) सत्य

(ii) असत्य

(iii) सत्य

(iv) असत्य।

कृति 3: (शब्द संपदा)

प्रश्न 1.

निम्नलिखित शब्दों का वचन बदलकर लिखिए:

(i) बेटा

(ii) टाँग

(iii) दुर्घटनाएँ

(iv) हिस्सा।

उत्तर:

(i) बेटा – बेटे

(ii) नींद – स्त्रीलिंग

(iii) दुर्घटनाएँ – दुर्घटना

(iv) वक्त – पुल्लिग।

प्रश्न 2.

निम्नलिखित शब्दों के लिंग पहचानकर लिखिए:

(i) दिन

(ii) नींद

(ii) फुरसत

(iv) वक्त।

उत्तर:

(i) दिन – पुल्लिग

(ii) आँख = नयन

(iii) फुरसत – स्त्रीलिंग

(iv) वक्त = समय।

प्रश्न 3.

निम्नलिखित शब्दों के समानार्थी शब्द लिखिए:

(i) नींद

(ii) आँख

(iii) दर्द

(iv) वक्त।

उत्तर:

(i) नींद = निद्रा

(iii) दर्द = पीड़ा

(ii) टाँग – टाँगें

(iv) हिस्सा – हिस्से।

गद्यांश क्र. 3

प्रश्न.

निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

कृति 1: (आकलन)

प्रश्न 1.

कारण लिखिए:

(i) आगंतुक ने जब लेखक से आँख मिलाई तो एकदम चुप हो गया …………………………

उत्तर:

(i) आगंतुक किसी अन्य मरीज से मिलने आया था।

प्रश्न 2.

ऐसे दो प्रश्न बनाइए, जिनके उत्तर: निम्नलिखित हों:

(i) दवा की शीशी

(ii) औपचारिकता।

उत्तर:

(i) सोनाबाई की लड़की ने क्या पटक दी?

(ii) कुछ लोग क्या निभाने की हद कर देते हैं?

कृति 3: (शब्द संपदा)

प्रश्न 1.

निम्नलिखित शब्दों के विरुद्धार्थी शब्द लिखिए:

(i) सिर

(ii) रोना

(iii) गलत

(iv) गुस्सा।

उत्तर:

(i) सिर x पैर

(ii) रोना x हँसना

(iii) गलत x सही

(iv) गुस्सा x प्यार।

प्रश्न 2.

गद्यांश में प्रयुक्त अंग्रेजी शब्द ढूँढकर लिखिए।

(i) …………………………

(ii) …………………………

(iii) …………………………

(iv) …………………………

उत्तर:

(i) टेबल

(ii) डांस

(iii) टैक्सी

(iv) प्रैक्टिस।

कृति 4: (स्वमत अभिव्यक्ति)

प्रश्न. ‘शकुन-अपशकुन’ के बारे में अपने विचार लिखिए।

उत्तर:

शकुन-अपशकुन समाज में प्रचलित एक अवधारणा है। इसमें यह माना जाता है कि कुछ विशेष प्रकार की परिघटनाएँ हमारे भविष्य का संकेत देती हैं। अनुकूल भविष्यवाणी करने वाले संकेतों को शुभ शकुन और प्रतिकूल भविष्यवाणी करने वाले संकेतों को अपशकुन कहा जाता है। हमारे देश में ही नहीं, अपितु संसार भर में लोग शकुन-अपशकुन पर विश्वास करते हैं। भारतीय संस्कृति में शकुन-अपशकुन का वर्णन वेदों, पुराणों और धार्मिक ग्रंथों में भी मिलता है।

काली बिल्ली द्वारा रास्ता काट जाना, किसी कार्य को आरंभ करते समय किसी का छींक देना, घर से बाहर जाते हुए व्यक्ति को किसी के द्वारा टोका जाना आदि समाज में बहुप्रचलित अपशकुन हैं। इन अपशकुनों को मानने वालों की संख्या कम नहीं है। इन अपशकुनों के चक्कर में आकर कभी-कभी लोगों को हानि भी उठानी पड़ती है, फिर भी वे इन्हें मानने से नहीं चूकते। ये मान्यताएँ मनुष्य को कमजोर बनाती हैं। वैज्ञानिक दृष्टि से इन शकुन-अपशकुनों को अंधविश्वास ही माना जाता है।

गद्यांश क्र.4

प्रश्न. निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

You May Like -

  1. Chapter 1 भारत महिमा
  2. Chapter 2 लक्ष्मी
  3. Chapter 3 वाह रे! हमदर्द
  4. Chapter 4 मन (पूरक पठन)
  5. Chapter 5 गोवा : जैसा मैंने देखा
  6. Chapter 6 गिरिधर नागर
  7. Chapter 7 खुला आकाश (पूरक पठन)
  8. Chapter 8 गजल
  9. Chapter 9 रीढ़ की हड्डी
  10. Chapter 10 ठेस (पूरक पठन)
  11. Chapter 11 कृषक गान

Read This Also

Leave a Comment