Hindi Class 10 Chapter 3 श्रम साधना स्वाध्याय

Maharashtra board Lokbharti Hindi Class 10 Chapter 3 श्रम साधना स्वाध्याय (Shram Sadhana)

आज हम इस वेबसाईट पर Maharashtra board Lokbharti Hindi Class 10 Chapter 3 श्रम साधना स्वाध्याय (Shram Sadhana) के बारे में चर्चा करने जा रहे है। इस वेबसाइट पर आपको Lokbharti Hindi कि इकाई दुसरी का Chapter 3 श्रम साधना के प्रश्नोत्तर मिल जायेंगे तथा इस पाठ 2 दो लघुकथाएँ (Do Laghukathaye) का भावार्थ , स्वाध्याय, पद्य विश्लेषण, सरल अर्थ और व्याकरण संबधित सभी प्रश्नो के हल Pdf स्वरुप में मिल जायेंगे। आप इन सभी स्वाध्याय प्रश्नोत्तर को डाउनलोड कर सकते है। यदि आप कक्षा 10 वीं लोकभारती हिंदी Digest की तलाश में हैं तो आप सही जगह पर आए हैं। हमारे विशेषज्ञ शिक्षकों टीम ने इस पाठ का अध्ययन किया है और उन छात्रों के लिए नोट्स तैयार किए हैं जो इस पाठ को सारांशित करने में कठिनाई का सामना कर रहे हैं। हम आपको विश्वास दिलाते हैं कि आप हमारी Pdf फाइलों का उपयोग करके अधिक अंक प्राप्त कर सकते हैं। आपको बता दें कि इस विषय से जुड़े सभी सवालों के जवाब हमारी विशेषज्ञ शिक्षकों की टीम ने दिए हैं। यहां आपको तीन Pdf फाइलें मिलेंगी, जिनमें से पहली Pdf फाइल में टेक्स्ट बुक के सवालों के जवाब होंगे और दूसरी Pdf फाइल में आपको अभ्यास के लिए अतिरिक्त प्रश्न मिलेंगे। तीसरी और अंतिम Pdf फाइलों में आपको इस अध्याय का पूरा अध्ययन मिलेगा।

आपको मार्गदर्शिका/गाइड के बारे में चिंता करने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि हमारे Pdf स्वाध्याय का उपयोग करने के बाद आपको उनकी आवश्यकता नहीं होगी। इस पोस्ट के अंत में आपको सभी Pdf फाइलें मिल जाएंगी, इसलिए हम आपसे अनुरोध करते हैं कि आप पूरा लेख पढ़ें।

BoardClassChapter
Maharashtra state Board10thChapter 3 श्रम साधना

Class 10 Hindi Lokbharti Chapter 3 श्रम साधना के प्रश्नोत्तर:

Class 10 Hindi Chapter 3 Shram Shadhana questions answers

यहां आपको वह मिलेगा जिसका आप इंतजार कर रहे थे। शिक्षक, माता-पिता और छात्र, अब आप महाराष्ट्र राज्य बोर्ड द्वारा कक्षा 10वीं हिंदी लोकभारती Chapter 3 श्रम साधना स्वाध्याय की Pdf फाइल नीचे पा सकते हैं। नीचे आप पीडीएफ फाइल देख सकते हैं जिसे डाउनलोड किया जा सकता है लेकिन आगे बढ़ने से पहले, कृपया नीचे दिए गए हमारे दिशानिर्देशों का पालन करें।

पीडीएफ फाइल कैसे डाउनलोड करें?

नीचे आपको हमारी Pdf फाइल दिखाई देगी जिसके नीचे आपको एक मेन्यू बटन भी दिखाई देगा। अगला पेज देखने के लिए आपको नेक्स्ट बटन पर क्लिक करना होगा। इस तरह आप सभी प्रश्न और उत्तर पीडीएफ फाइल में देख पाएंगे।

अगर आप नीचे दी गई Pdf फाइल को डाउनलोड करना चाहते हैं तो “Download Now” बटन पर क्लिक करें। बटन क्लिक करने के बाद 15 सेकंड तक प्रतीक्षा करें। उसके बाद आपको प्रश्न पत्र की Pdf फाइल डाउनलोड करने को मिल जाएगी।

Chapter-2-दो-लघुकथाएँ

अगर आप नीचे दी गई पीडीएफ फाइल को डाउनलोड करना चाहते हैं तो “Download Now” बटन पर क्लिक करें। बटन क्लिक करने के बाद 15 सेकंड तक प्रतीक्षा करें। उसके बाद आपको प्रश्न पत्र की Pdf File डाउनलोड करने को मिल जाएगी।


Do you want to download above file In pdf ?

Pdf फाईल डाऊनलोड करे


Download our Other Important PDF files ↴

Maharashtra board Lokbharti Hindi Class 10 Chapter 3 श्रम साधना स्वाध्याय (Shram Sadhana)

Text book Exercise for Chapter 3 श्रम साधना class 10


Additional extra Exercise for Chapter 3 श्रम साधना class 10


Entire Exercise for Chapter 3 श्रम साधना class 10


Class 10 Hindi Chapter 3 श्रम साधना Pdf Download

Chapter 3 Shram Sadhana questions answers in pdf

कभी-कभी कुछ तकनीकी समस्या के कारण ऊपर दी गई फाइलों को डाउनलोड करते समय कुछ समस्याएँ आ सकती हैं।

यदि आपको उपरोक्त पीडीएफ फाइलों को डाउनलोड करने में कोई समस्या आ रही है, तो आप नीचे दिए गए डाउनलोड बटन पर क्लिक करके PDF को डाउनलोड कर सकते हैं।

पाठाचे नाव मजकूर डाऊनलोड
Hindi Lokbharati Solutions
Chapter 3 श्रम साधना
Text book ExerciseDownload
Download
Hindi Lokbharati Solutions
Chapter 3 श्रम साधना
Additional Extra ExerciseDownload
Download
Hindi Lokbharati Solutions
Chapter 3 श्रम साधना
Entire ExerciseDownload
Download

Shram Sadhana Summary in Hindi

विषय-प्रवेश : प्रस्तुत पाठ में दो लघुकथाएँ दी गई हैं। प्रथम लघुकथा में हमारी मानसिक प्रवृत्ति के बारे में बताया गया है। लेखक ने इसके माध्यम से यह दर्शाया है कि जब लोग बड़ी-बड़ी दुकानों, मॉल या बड़े होटलों में जाते हैं, तो वहाँ वे सामानों के निश्चित मूल्यों के बारे में कोई मोल-भाव नहीं करते। मांगे गए पैसे शौक से अदा करके चले आते हैं। पर छोटे दुकानदारों या खोमचे वालों से सामान खरीदते समय लोगों का व्यवहार बिलकुल बदल जाता है। लोग उनसे दो-एक रुपये कम करने के बारे में बहस पर उतर आते हैं। हमें यह मानसिकता बदलनी चाहिए।

दूसरी लघुकथा में रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार के शिकार एक युवक के बारे में बताया गया है। उसके सामने भ्रष्ट सामाजिक व्यवस्था को कोसने के अलावा कोई चारा नहीं रहता। पर सत्य का पालन करना उसे एक दिन अपने लक्ष्य तक पहुँचा देता है।

Class 10 Hindi Chapter 3 श्रम साधना स्वाध्याय के Notes

Class 10 Hindi Chapter 3 Shram Sadhana notes:
Maharashtra board Lokbharti Hindi Class 10 Chapter 3 श्रम साधना स्वाध्याय (Shram Sadhana)

जब हम कक्षा 10 का हिंदी लोकभारती पाठ 3 " श्रम साधना" पढ़ रहे हैं, तो हम देख सकते हैं कि इस पाठ के बीच में कई प्रश्न पूछे जाते हैं और छात्रों से उनके उत्तर की अपेक्षा की जाती है। कुछ छात्रों को उत्तर देते समय कुछ समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन हम आपसे वादा करते हैं कि हमारे उत्तर की समीक्षा करने के बाद, आपको ऐसे प्रश्नों का उत्तर देने के लिए आत्मविश्वास मिलेगा। हमारे विशेषज्ञ टीम शिक्षक ने प्रश्न पत्र को कई भागों में विभाजित किया है, जिससे आपको पाठ को बेहतर ढंग से समझने में मदद मिलेगी। निम्नलिखित मुद्डो पर एक नज़र डालें:

  • Chapter 3 श्रम साधना (आकलन कृती)
  • Chapter 3 श्रम साधना (मुहावरा)
  • Chapter 3 श्रम साधना (अतिरिक्त प्रश्नोत्तरे)
  • Chapter 3 श्रम साधना (व्याकरण)
  • Chapter 3 श्रम साधना (शब्द संपदा)
  • Chapter 3 श्रम साधना (विरुद्धार्थी शब्द)

Class 10 Hindi Chapter 3 श्रम साधना के Question Bank

Question bank for class 10 Hindi Chapter 3 Shram Sadhana :

जो छात्र वार्षिक परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं और बोर्ड में अधिक अंक प्राप्त करना चाहते हैं, वे हमारे प्रश्न बैंक का उपयोग कर सकते हैं, जिनमें से कुछ प्रश्न आपकी अंतिम परीक्षा में निश्चित रूप से पूछे जा सकते हैं।
हमारी पीडीएफ फाइल के अंत में, आपको कक्षा 10वी का हिंदी लोकभारती पाठ 3 "श्रम साधना" मिलेगा। हमारी विशेषज्ञ टीम आपको अधिक अंक प्राप्त करने में मदद करने के लिए प्रश्न बैंक पर भरोसा करती है।
हमारे शिक्षकों की विशेषज्ञ टीम ने इन सवालों के बेहतरीन जवाब तैयार किए हैं। इन सभी सवालों के जवाब हमारी पीडीएफ फाइल में हैं जो नीचे दी गई है। आप इसे अपने खाली समय में अध्ययन करने के लिए डाउनलोड कर सकते हैं। कक्षा 10 वीं हिंदी लोकभारती पाठ 3 " श्रम साधना" स्वाध्याय पीडीएफ फाइल में आपको महत्वपूर्ण प्रश्न बैंक समाधान मिलेंगे।
हमें उम्मीद है कि यह प्रश्न बैंक आपकी परीक्षा की तैयारी में आपकी थोड़ी मदद करेगा।

Question bank

Additional Important Questions and Answers

कृति 3: (शब्द संपदा)

प्रश्न 1.

शब्दों के समानार्थी शब्द लिखिए:

(i) प्रथा =

(ii) युद्ध =

(iii) हुकूमत =

(iv) गुलामी =

उत्तर:

(i) प्रथा = रिवाज

(ii) युद्ध = लड़ाई

(iii) हुकूमत = शासन

(iv) गुलामी = दासता।

प्रश्न 2.

विरुद्धार्थी शब्द लिखिए:

(i) गौण x

(ii) अनेक x

(iii) अप्राकृतिक x

(iv) बादशाह x

उत्तर:

(i) गौण x मुख्य

(ii) अनेक x एक

(iii) अप्राकृतिक x कृत्रिम

(iv) बादशाह x भिखारी।

प्रश्न 3.

लिंग पहचान कर लिखिए:

(i) मकान – ………………………

(i) संपत्ति – …………………………

उत्तर:

(i) मकान – पुल्लिग

(ii) संपत्ति – स्त्रीलिंग।

कृति 4: (स्वमत अभिव्यक्ति)

प्रश्न.

‘राजाओं और बादशाहों का राज’ के बारे में अपने विचार 25 से 30 शब्दों में व्यक्त कीजिए।

उत्तर:

स्वतंत्रता प्राप्ति के पहले हमारे देश में छोटी-बडी अनेक रियासतें थीं। राजा, बादशाह और तालुकेदार इन रियासतों के मालिक थे। इनके राज में रहने वाली जनता इनकी प्रजा कहलाती थी। राजा और बादशाह जनता से तरह-तरह के कर वसूल करते थे और कर अदा न कर पाने पर जनता पर तरह-तरह के अत्याचार करते थे। एक तरह से जनता को ये अपना गुलाम समझते थे और उसका शोषण करने में जरा भी नहीं झिझकते थे। जनता इनसे त्रस्त थी।

इसके अलावा ये राजा और बादशाह अपने स्वार्थ के लिए आपस में लड़ते-भिड़ते थे और मौका मिलने पर एक-दूसरे की रियासतों पर कब्जा कर जनता में लूटपाट किया करते थे। असहाय जनता की कोई सुनने वाला नहीं था। आजादी मिलने के बाद इन छोटी-छोटी रियासतों को खत्म कर भारत संघ में मिला लिया गया। इसके बाद इन राजाओं और बादशाहों का राज खत्म हो गया। इसके साथ ही समाप्त हो गया जनता पर इनका अत्याचार। फिर तो प्रजातंत्र में न कोई किसी का राजा रहा न कोई किसी की प्रजा। सबको समान अधिकार उपलब्ध हो गए।

प्रश्न 2.

उत्तर लिखिए:

(i) जो संपत्ति का निर्माण करते हैं, वे – [ ]

(ii) धन इकट्ठा होता है इनके पास – [ ]

(iii) बौद्धिक काम से अपना भरण-पोषण करने वाले लोग – [ ]

(iv) समाज के लिए ये दोनों जरूरी हैं – [ ]

उत्तर:

(i) जो संपत्ति का निर्माण करते हैं, वे माण – [मजदूर]

(ii) धन इकट्ठा होता है इनके पास – [व्यवस्था करने वाले]

(iii) बौद्धिक काम से अपना भरण-पोषण करने वाले लोग – [मंत्री, राज्य के कर्मचारी, क्लर्क, न्यायाधीश, वकील, डॉक्टर, अध्यापक, व्यापारी]

(iv) समाज के लिए ये दोनों जरूरी है – [श्रमजीवी और बुद्धिजीवी]

प्रश्न 3.

आकृति पूर्ण कीजिए:

(i)

उत्तर:

Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 श्रम साधना 24

(ii) दो ऐसे प्रश्न बनाकर लिखिए, जिनके उत्तर निम्नलिखित शब्द हों:

(1) अन्न

(2) श्रम जीवियों पर

उत्तर:

(1) वर्षभर मेहनत कर किसान क्या पैदा करता है?

(2) बुद्धिजीवियों का जीवन किन लोगों पर आधारित है?

कृति 3: (शब्द संपदा)

प्रश्न 1.

गद्यांश में आए शब्द-युग्म ढूँढ़कर लिखिए।

(i) ……………………..

(ii) ……………………..

(iii) ……………………..

(iv) ……………………..

उत्तर:

(i) लेन – देन

(ii) राज – काज

(iii) ऊँचे – ऊँचे

(iv) भरण – पोषण।

प्रश्न 2.

विरुद्धार्थी शब्द लिखिए:

(i) प्रत्यक्ष × ……………………..

(ii) धनवान × ……………………..

(iii) ऊँचा × ……………………..

(iv) दुर्भाग्य × ……………………..

उत्तर:

(i) प्रत्यक्ष × परोक्ष

(ii) धनवान × निर्धन

(iii) ऊँचा × नीचा

(iv) दुर्भाग्य × सौभाग्य।

कृति 4: (स्वमत अभिव्यक्ति)

प्रश्न.

‘शारीरिक श्रम का महत्त्व’ विषय पर अपने विचार 25 से 30 शब्दों में लिखिए।

उत्तर:

श्रम दो प्रकार का होता है। शारीरिक श्रम और बौद्धिक श्रम। पुराने जमाने में पढ़े-लिखे लोगों की संख्या कम थी, इसलिए लोगों को शारीरिक श्रम का ही सहारा था। वे जीवन-यापन के लिए छोटा-मोटा काम करके अपना गुजारा कर लेते थे। शिक्षा की समुचित व्यवस्था हो जाने के बाद पढ़े-लिखे लोगों की संख्या में अंधाधुंध वृद्धि हुई है। हर शिक्षित व्यक्ति चाहता है कि उसे ऐसी नौकरी मिले, जिसमें उसे शारीरिक श्रम न करना पड़े। शारीरिक श्रम वाला काम कोई करना नहीं चाहता। इसलिए देश में लाखों नवयुवक बेरोजगार हैं। यह लोगों के शारीरिक श्रम से परहेज रखने का परिणाम है।

लोगों को शारीरिक श्रम का महत्त्व समझना जरूरी है। बुद्धि के बल पर बड़ीबड़ी योजनाएँ बनाई जा सकती हैं, पर उनका कार्यान्वयन करने के लिए शारीरिक श्रम की ही आवश्यकता होती है। छोटी-छोटी चीजों से लेकर बड़ी-बड़ी चीजों का निर्माण केवल शारीरिक श्रम से ही हो सकता है। जो व्यक्ति इस रहस्य को समझते हैं, वे शारीरिक श्रम को महत्त्व देते हैं। अनेक पढ़े-लिखे लोग अपना व्यवसाय अथवा छोटा-मोटा काम शुरू करके अपना जीवन-यापन कर रहे हैं और बौद्धिक श्रम के साथ शारीरिक श्रम उनका साथ दे रहा है। स्वरोजगार के द्वारा वे स्वयं भी काम कर रहे हैं और दूसरों को भी रोजगार दे रहे हैं।

गद्यांश क्र. 3

प्रश्न. निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

कृति 1: (आकलन)

आकृति पूर्ण कीजिए:

Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 श्रम साधना 25
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 श्रम साधना 26
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 श्रम साधना 27

उत्तर:

Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 श्रम साधना 28
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 श्रम साधना 30
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 श्रम साधना 31

कृति 2: (आकलन)

प्रश्न 1.

आकृति पूर्ण कीजिए:

(i)Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 श्रम साधना 32

(ii)Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 श्रम साधना 33

उत्तर:

Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 श्रम साधना 34

(ii)

कृति 3: (शब्द संपदा)

प्रश्न 1.

निम्नलिखित शब्दों के समानार्थी शब्द लिखिए:

(i) आम = …………………….

(ii) श्रम = …………………….

(iii) हिस्सा = …………………….

(iv) जगत = …………………….

उत्तर:

(i) आम = सामान्य

(ii) श्रम = मेहनत

(iii) हिस्सा = भाग

(iv) जगत = संसार।

प्रश्न 2.

निम्नलिखित शब्दों में से प्रत्यय और मूल शब्द अलग करके लिखिए:

(i) योग्यता

(i) अल्पतम

(ii) बुनियादी

(iv) सामाजिक

उत्तर:

(i) योग्य + ता (ता)

(ii) अल्प + तम (तम)

(iii) बुनियाद + ई (ई)

(iv) समाज + इक (इक)।

कृति 4: (स्वमत अभिव्यक्ति)

प्रश्न.

‘समाज परोपकार वृत्ति के बल पर ही ऊँचा उठ सकता है’- इस कथन से संबंधित अपने विचार 25 से 30 शब्दों में लिखिए।

गद्यांश क्र.4

प्रश्न. निम्नलिखित पठिक अट्यार पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

कृति 1: (आकलन)

आकृति पूर्ण कीजिए:

Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 श्रम साधना 36

(iii) Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 श्रम साधना 37

उत्तर:

Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 श्रम साधना 38

कृति 2: (आकलन)

प्रश्न 1.

आकृति पूर्ण कीजिए:

Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 श्रम साधना 40

उत्तर:

Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 श्रम साधना 41

प्रश्न 2.

आकृति पूर्ण कीजिए:

(i) अर्थशास्त्रियों के अनुसार उत्पादन की प्रेरणा के लिए यह करना होगा – [ ]

(ii) पूँजी के बारे में अनुभव यह बताता है – [ ]

(iii) लेखक के अनुसार स्वार्थ का अर्थ – [ ]

(iv) समाज इस वृत्ति के बल पर ऊँचा उठ सकता है – [ ]

उत्तर:

(i) अर्थशास्त्रियों के अनुसार उत्पादन की प्रेरणा के लिए यह करना होगा – [व्यक्ति को स्वार्थ के लिए अवसर देने होंगे।

(ii) पूँजी के बारे में अनुभव यह बताता है – [पूँजी गरीबी या बेकारी की समस्या हल नहीं कर सकी है]

(iii) लेखक के अनुसार स्वार्थ का अर्थ – [परार्थ की हानि]

(iv) समाज इस वृत्ति के बल पर ऊँचा उठ सकता है – [परोपकार की वृत्ति]

प्रश्न 3.

गद्यांश के वाक्यों को उचित क्रम से लिखिए:

(i) देखना है कि समाज का कल्याण किस वृत्ति से होगा।

(ii) बिना शरीर श्रम किए उस सामग्री का उपयोग करने का न्यायोचित अधिकार हमें नहीं मिलता।

(iii) आजीविका की साधन-सामग्री किसी-न-किसी के श्रम के बिना हो ही नहीं सकती।

(iv) नैतिक दृष्टि से स्वार्थवृत्ति का पोषण करना योग्य नहीं है।

उत्तर:

(i) आजीविका की साधन-सामग्री किसी-न-किसी के श्रम के बिना हो ही नहीं सकती।

(ii) बिना शरीर श्रम किए उस सामग्री का उपयोग करने का न्यायोचित अधिकार हमें नहीं मिलता।

(iii) नैतिक दृष्टि से स्वार्थवृत्ति का पोषण करना योग्य नहीं है।

(iv) देखना है कि समाज का कल्याण किस वृत्ति से होगा।

कृति 3: (शब्द संपदा)

प्रश्न 1.

निम्नलिखित शब्द समूह के लिए गद्यांश से चुनकर एक-एक शब्द लिखिए:

(i) वह दौलत, जो किसी के अधिकार में हो और जो खरीदी या बेची जा सकती हो-

(ii) दूसरों के उपकार या भलाई का काम’ –

(iii) ऐसी बात-जिसमें केवल अपना हित हो –

(iv) वह धन-जिससे कोई व्यवसाय आरंभ किया गया हो –

उत्तर:

(i) संपत्ति

(ii) परोपकार

(iii) स्वार्थ

(iv) पूँजी।

प्रश्न 2.

विरुद्धार्थी शब्द लिखिए:

(i) थोड़ा × ……………………

(ii) दोषपूर्ण × ……………………

(iii) योग्य × ……………………

(iv) गरीबी × ……………………

उत्तर:

(i) थोड़ा × बहुत

(ii) दोषपूर्ण × निर्दोष

(iii) योग्य × अयोग्य

(iv) गरीबी × अमीरी।

कृति 4: (स्वमत अभिव्यक्ति)

प्रश्न.

‘मेवे फलते श्रम की डाल’ विषय पर 25 से 30 शब्दों में अपनी लिखित अभिव्यक्ति दीजिए।

उत्तर:

श्रम दो प्रकार का होता है। एक शारीरिक श्रम और दूसरा बौद्धिक श्रम। दोनों प्रकार के श्रम का अपना-अपना महत्त्व है। श्रम को सदा महत्त्व दिया गया है। श्रम करने वाला व्यक्ति परिश्रम करके अपना भरण-पोषण करता है और शान से रहता है। जो श्रम करता है, वह स्वयं अपने भाग्य का निर्माण करता है। वह अपना खून-पसीना एक कर मेहनत की पवित्र रोटी खाता है। मेहनत की जिंदगी ही सच्ची जिंदगी है।

श्रम करने वाला व्यक्ति काम से कभी नहीं घबराता। उसके सामने जैसा भी काम आता है, उसे वह लगन और मेहनत से पूरा करता है। विद्यार्थी श्रम द्वारा ही परीक्षा में सफलता प्राप्त करते हैं। मजदूर, किसान, इंजीनियर, वैज्ञानिक, व्यापारी, खिलाड़ी आदि सबकी प्रगति में श्रम का ही हाथ होता है। हमें याद रखना चाहिए कि श्रम कभी बेकार नहीं जाता। ईमानदारी से किए गए श्रम का तुरंत लाभ भले न मिले, पर कभी-न-कभी उसका फल मिलकर ही रहता है। श्रम करने वाले ही मेवों का स्वाद चखते हैं।

You May Like -

  1. Chapter 1 भारत महिमा
  2. Chapter 2 लक्ष्मी
  3. Chapter 3 वाह रे! हमदर्द
  4. Chapter 4 मन (पूरक पठन)
  5. Chapter 5 गोवा : जैसा मैंने देखा
  6. Chapter 6 गिरिधर नागर
  7. Chapter 7 खुला आकाश (पूरक पठन)
  8. Chapter 8 गजल
  9. Chapter 9 रीढ़ की हड्डी
  10. Chapter 10 ठेस (पूरक पठन)
  11. Chapter 11 कृषक गान
  12. Chapter 1 बरषहिं जलद
  13. Chapter 2 दो लघुकथाएँ (पूरक पठन)
  14. Chapter 3 श्रम साधना

Read This Also

Leave a Comment