Class 10th Hindi Chapter 5 गोवा जैसा मैंने देखा स्वाध्याय

Class 10th Hindi Chapter 5 गोवा जैसा मैंने देखा स्वाध्याय

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आपको मार्गदर्शिका/गाइड के बारे में चिंता करने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि हमारे Pdf स्वाध्याय का उपयोग करने के बाद आपको उनकी आवश्यकता नहीं होगी। इस पोस्ट के अंत में आपको सभी Pdf फाइलें मिल जाएंगी, इसलिए हम आपसे अनुरोध करते हैं कि आप पूरा लेख पढ़ें।

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यहां आपको वह मिलेगा जिसका आप इंतजार कर रहे थे। शिक्षक, माता-पिता और छात्र, अब आप महाराष्ट्र राज्य बोर्ड द्वारा कक्षा 10वीं हिंदी लोकभारती Chapter 5 गोवा जैसा मैंने देखा स्वाध्याय की Pdf फाइल नीचे पा सकते हैं। नीचे आप पीडीएफ फाइल देख सकते हैं जिसे डाउनलोड किया जा सकता है लेकिन आगे बढ़ने से पहले, कृपया नीचे दिए गए हमारे दिशानिर्देशों का पालन करें।

पीडीएफ फाइल कैसे डाउनलोड करें?

नीचे आपको हमारी Pdf फाइल दिखाई देगी जिसके नीचे आपको एक मेन्यू बटन भी दिखाई देगा। अगला पेज देखने के लिए आपको नेक्स्ट बटन पर क्लिक करना होगा। इस तरह आप सभी प्रश्न और उत्तर पीडीएफ फाइल में देख पाएंगे।

अगर आप नीचे दी गई Pdf फाइल को डाउनलोड करना चाहते हैं तो “Download Now” बटन पर क्लिक करें। बटन क्लिक करने के बाद 15 सेकंड तक प्रतीक्षा करें। उसके बाद आपको प्रश्न पत्र की Pdf फाइल डाउनलोड करने को मिल जाएगी।

Chapter-5-गोवा-जैसा-मैंने-देखा

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Chapter 5 गोवा जैसा मैंने देखा स्वाध्याय - Text book Exercise


Chapter 5 गोवा जैसा मैंने देखा स्वाध्याय - Additional Extra Exercise:


Chapter 5 गोवा जैसा मैंने देखा स्वाध्याय - Entire Exercise:


Class 10th Hindi Chapter 5 गोवा जैसा मैंने देखा स्वाध्याय: Pdf Download

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Class 10th Hindi Chapter 5 गोवा जैसा मैंने देखा भावार्थ | सारांश:

Class 10th Hindi Chapter 5 गोवा जैसा मैंने देखा Summary
Chapter 5 गोवा जैसा मैंने देखा भावार्थ | सारांश:

लक्ष्मी विषय – प्रवेश :

लक्ष्मी मवेशियों के शौकीन ज्ञान सिंह की अधेड़ उम्र की प्रिय गाय थी। नौकरी से अवकाश के बाद ज्ञान सिंह को मकान खाली करने की नौबत आई तो लक्ष्मी को रखने की समस्या आई। उसका हल उन्होंने निकाला अपने पड़ोसी और दोस्त करामत अली को लक्ष्मी को सौंप देने से। करामत अली जी – जान से लक्ष्मी की सेवा करते थे, पर जब लक्ष्मी ने दूध देना बंद कर दिया, तो वह उनके परिवार के लिए समस्या बन गई।

प्रस्तुत कहानी में कहानीकार गुरुबचन सिंह ने एक ओर मित्र को दिए गए वचन के पालन पर बल दिया है, तो दूसरी ओर प्राणिमात्र के प्रति दया – भावना को प्रतिपादित किया है। कहानी में दर्शाया गया है कि अनुपयोगी हो जाने के बाद भी पालतू प्राणियों की उचित देखभाल करना आवश्यक है।

Class 10th Hindi Chapter 5 गोवा जैसा मैंने देखा स्वाध्याय: Notes

Class 10th Hindi Chapter 5 गोवा जैसा मैंने देखा notes:
Class 10th Hindi Chapter 5 गोवा जैसा मैंने देखा स्वाध्याय

जब हम कक्षा 10 का हिंदी लोकभारती Chapter 5 गोवा जैसा मैंने देखा पढ़ रहे हैं, तो हम देख सकते हैं कि इस पाठ के बीच में कई प्रश्न पूछे जाते हैं और छात्रों से उनके उत्तर की अपेक्षा की जाती है। कुछ छात्रों को उत्तर देते समय कुछ समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन हम आपसे वादा करते हैं कि हमारे उत्तर की समीक्षा करने के बाद, आपको ऐसे प्रश्नों का उत्तर देने के लिए आत्मविश्वास मिलेगा। हमारे विशेषज्ञ टीम शिक्षक ने प्रश्न पत्र को कई भागों में विभाजित किया है, जिससे आपको पाठ को बेहतर ढंग से समझने में मदद मिलेगी। निम्नलिखित मुद्डो पर एक नज़र डालें:

  • Chapter 5 गोवा जैसा मैंने देखा (आकलन कृती)
  • Chapter 5 गोवा जैसा मैंने देखा (मुहावरा)
  • Chapter 5 गोवा जैसा मैंने देखा (अतिरिक्त प्रश्नोत्तरे)
  • Chapter 5 गोवा जैसा मैंने देखा (व्याकरण)
  • Chapter 5 गोवा जैसा मैंने देखा (शब्द संपदा)
  • Chapter 5 गोवा जैसा मैंने देखा (विरुद्धार्थी शब्द)

Class 10th Hindi Chapter 5 गोवा जैसा मैंने देखा स्वाध्याय: Question Bank

Question bank for Hindi Chapter 5 गोवा जैसा मैंने देखा:
Class 10th Hindi Chapter 5 गोवा जैसा मैंने देखा स्वाध्याय

जो छात्र वार्षिक परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं और बोर्ड में अधिक अंक प्राप्त करना चाहते हैं, वे हमारे प्रश्न बैंक का उपयोग कर सकते हैं, जिनमें से कुछ प्रश्न आपकी अंतिम परीक्षा में निश्चित रूप से पूछे जा सकते हैं।
हमारी पीडीएफ फाइल के अंत में, आपको कक्षा 10वी का हिंदी लोकभारती पाठ 5 " गोवा जैसा मैंने देखा" मिलेगा। हमारी विशेषज्ञ टीम आपको अधिक अंक प्राप्त करने में मदद करने के लिए प्रश्न बैंक पर भरोसा करती है।
हमारे शिक्षकों की विशेषज्ञ टीम ने इन सवालों के बेहतरीन जवाब तैयार किए हैं। इन सभी सवालों के जवाब हमारी पीडीएफ फाइल में हैं जो नीचे दी गई है। आप इसे अपने खाली समय में अध्ययन करने के लिए डाउनलोड कर सकते हैं। कक्षा 10 वीं हिंदी लोकभारती पाठ 5 " गोवा जैसा मैंने देखा " स्वाध्याय पीडीएफ फाइल में आपको महत्वपूर्ण प्रश्न बैंक समाधान मिलेंगे।
हमें उम्मीद है कि यह प्रश्न बैंक आपकी परीक्षा की तैयारी में आपकी थोड़ी मदद करेगा।

Question bank

गद्यांश में प्रयुक्त २ प्रत्यययुक्त शब्द ढूँढकर लिखिए। – (बोर्ड की नमूना कृतिपत्रिका)

(i) _____________

(ii) _____________

उत्तर:

(i) तरंगायित

(ii) प्रत्येक

प्रश्न 2.

निम्नलिखित शब्दों को वर्तनी के नियमानुसार लिखिए:

(i) त्रंगाइत

(ii) आर्कषन

(iii) ओप्चारिक

(iv) खानपुर्ती।

उत्तर:

(i) गाइत -तरंगायित

(ii) आर्कषन -आकर्षण

(iii) ओप्चारिक -औपचारिक

(iv) खानपुर्ती -खानापूर्ति।

प्रश्न 3.

निम्नलिखित शब्दों के विलोम शब्द गद्यांश से ढूँढ़कर लिखिए: (बोर्ड की नमूना कृतिपत्रिका)

(i) अप्रसन्न x _____________

(ii) बुरा x _____________

उत्तर:

(i) अप्रसन्न x प्रसन्न

(ii) बुरा x अच्छा।

कृति 4: (स्वमत अभिव्यक्ति)

प्रश्न.

‘आनंद प्राप्ति का साधन: पर्यटन’ विषय पर अपने विचार 25 से 30 शब्दों में लिखिए। (बोर्ड की नमूना कृतिपत्रिका)

उत्तर:

पर्यटन से हमारे ज्ञान में वृद्धि होती है। किसी स्थान के बारे में पढ़कर जानकारियाँ प्राप्त करने और उसे प्रत्यक्ष देखने में अंतर होता है। यह सुख हमें पर्यटन से प्राप्त होता है। पर्यटन से हमें भिन्नभिन्न प्रदेशों और देशों के प्रसिद्ध स्थलों एवं धरोहरों को देखने का अवसर मिलता है। उनकी संस्कृतियों, उनके रहन-सहन और रीतिरिवाजों को प्रत्यक्ष देखने का मौका मिलता है। इससे हम एक-दूसरे के करीब आते हैं। वहाँ हुए विकास कार्यों से प्रेरणा लेते हैं। इसके अतिरिक्त पर्यटन से अपने रोजमर्रा के कार्यों से कुछ दिन दूर रहने और निश्चित होकर देश-दुनिया को देखने, उससे कुछ सीखने और अपने आप में सुधार करने तथा तनावों से मुक्त रहने का अवसर मिलता है। इस तरह पर्यटन निश्चित रूप से आनंद प्राप्ति का एक सुंदर और मनोरंजक साधन है।

गद्यांश क्र. 2

प्रश्न.

निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

ति 1: (आकलन)

प्रश्न 1.

सही विकल्प चुनकर वाक्य फिर से लिखिए:

(i) गोवा की __________________ बड़ी अच्छी होती है। (सुबह/शाम/रात)

(ii) __________________ सागर देखने का उत्साह बढ़ता जा रहा था। (अरब/हिंद/बंगाल)

(iii) यही __________________ का सत्य भी है। (लोगों/दुनिया/जीवन)

(iv) __________________ सुस्ताने के लिए किनारे पर बैठ जाते हैं। (कुत्ते/पक्षी/लोग)

उत्तर:

(i) गोवा की शाम बड़ी अच्छी होती है।

(ii) अरब सागर देखने का उत्साह बढ़ता जा रहा था।

(iii) यही जीवन का सत्य भी है।

(iv) पक्षी सुस्ताने के लिए किनारे पर बैठ जाते हैं।

प्रश्न 2.

वाक्य पूर्ण कीजिए:

(i) फिर भी धंसे हुए पैरों को __________________

(ii) मानो, लहर कह रही हो कि __________________

उत्तर:

(i) फिर भी धंसे हुए पैरों को पूरी ताकत से उठा-उठाकर भाग रहे थे।

(ii) मानो, लहर कह रही हो कि बनने के बाद मिटना ही नियति है।

प्रश्न 3.

आकृति पूर्ण कीजिए:

(i) (1) लहरों की आवाज – [ ]

(2) बच्चों से मिली सीख – [ ]

(ii)

उत्तर:

(i) (1) लहरों की आवाज – रणभेरी जैसी।

(2) बच्चों से मिली सीख – जीवन में आशावाद हो, तो कोई काम असंभव नहीं

(ii)

ति 2: (आकलन)

प्रश्न 1.

आकृति पूर्ण कीजिए:

(i) खूबसूरत यह देखते ही मैं उससे जाकर लिपट गया

(ii) बहुत ही खूबसूरत और शांत जगह है यह –

(ii) तभी अचानक इनकी आवाज सुनाई दी

(iv) जल्दी-जल्दी चलने के बाद भी यह तय नहीं हो पा रही थी

उत्तर:

(i) खूबसूरत यह देखते ही मैं उससे जाकर लिपट गया – [समुंदर]

(ii) बहुत ही खूबसूरत और शांत जगह है यह – [बेनालियम]

(iii) तभी अचानक इनकी आवाज सुनाई दी – [लहरों की]

(iv) जल्दी-जल्दी चलने के बाद भी यह तय नहीं हो पा रही थी – [दूरी]

प्रश्न 2.

उत्तर: लिखिए:

उत्तर:

कृति 3: (शब्द संपदा)

प्रश्न 1.

निम्नलिखित शब्दों का वचन बदलकर लिखिए:

(i) हवा

(ii) मछली

(ii) लहर

(iv) बच्चे।

उत्तर:

(i) हवा – हवाएँ

(ii) मछली – मछलियाँ

(iii) लहर – लहरें

(iv) बच्चे – बच्चा

प्रश्न 2.

निम्नलिखित शब्दों के लिंग पहचानकर लिखिए:

(i) जगह

(ii) रेत

(iii) जीवन

(iv) सड़क।

उत्तर:

(i) जगह – स्त्रीलिंग

(ii) रेत – पुल्लिग

(iii) जीवन – पुल्लिंग

(iv) सड़क – स्त्रीलिंग।

प्रश्न 3.

निम्नलिखित शब्दों के विरुद्धार्थी शब्द लिखिए:

(i) शांत

(ii) मुश्किल

(iii) शाम

(iv) खूबसूरत।

उत्तर:

(i) शांत x अशांत

(ii) मुश्किल x आसान

(iii) शाम x सुबह

(iv) खूबसूरत X बदसूरत।

कृति 4: (स्वमत अभिव्यक्ति)

प्रश्न.

‘गोवा की शाम’ के विषय में अपने विचार लिखिए।

उत्तर:

भारत के पश्चिमी समुद्र तट पर बसे गोवा की खूबसूरती के समान यहाँ की शामें भी अद्भुत होती हैं। जैसे-जैसे शाम होती है, गोवा मस्ती में डूबने लगता है। सागर के तट पर चाँदी जैसी रेत, नीलम जैसा पानी, चर्च, नारियल के पेड़ों का सौंदर्य मन को मोह लेता है। दूर-दूर तक विदेशी सैलानियों की भीड़ दिखाई देती है, कोई उछल रहा है, कोई कूद रहा है, कोई नाच रहा है। बीच पर तरह-तरह के वॉटर स्पोर्ट्स चल रहे हैं।

कहीं मोटरबोट राइडिंग हो रही है, तो कहीं पैराशूट राइडिंग। सैलानियों के लिए क्रूज एक अलग ही आकर्षण होता है। क्रूज अर्थात एक छोटे से स्टीमर में सौ-डेढ़ सौ लोग संगीत की तेज धुन पर थिरकते हुए। यह स्टीमर करीब एक घंटे की घुमावदार परिक्रमा कराता है।

गद्यांश क्र. 3

प्रश्न.

निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

कृति 1: (आकलन)

प्रश्न 1.

जोड़ियाँ मिलाइए:

‘अ’‘आ’
(i) मनोरमफिल्में
(ii) युवाबाजार
(iii) हिटदृश्य
(iv) स्थानीयमस्ती

उत्तर:

‘अ’‘आ
(i) मनोरमदृश्य
(ii) युवामस्ती
(iii) हिटफिल्में
(iv) स्थानीयबाजार

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